पनडुब्बी का आविष्कार किसने किया और कब किया ?

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हेलो दोस्तों, कैसे है आप सब ? हमारे Hindi Top वेबसाइट पर आप सभी का स्वागत है। आज हमारे पोस्ट में हम आपको पनडुब्बी से जुडी बातों का वर्णन सारांश से करेंगे। और यह भी बताएगे पनडुब्बी का आविष्कार किसने किया पनडुब्बी हमारे विज्ञानं से निकला एक ऐसी दुनिया की और हमें ले जाता है जहां हम सदियों से इसकी खोज में लगे हुए थे। यह दुनिया समुद्र के नीचे बस्ती है, जहां मानव जीवन ने विज्ञानं क्षेत्र में अंतरिक्ष ही नहीं बल्कि समुद्र के जीवन को भी उजागर किया है। पनडुब्बियां यानि सबमरीन आज के काल में काफी भारी पैमाने में हमारे नौसेनाओ द्वारा उदेश्यों को व्यापक रूप से पहुंचाने के लिए किया जाता है। इस पनडुब्बी की खासियत बात यह है की यह समुद्र में पानी के नीचे सतह रूप से डूब सकता है, तैर सकता है और पानी के सतह के नीचे काफी दिनों तक रुक भी सकता है। पनडुब्बी का इस्तेमाल पहली बार प्रथम विश्व युद्ध में सैन्य उद्देश्यों को बड़े पैमाने पर भेजने के लिए आज भी किया जा रहा है।

पनडुब्बी क्या है

पनडुब्बी एक गहरे समुद्री जहाज़ है जो आवश्यक ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए परमाणु ऊर्जा सयंत्रों का इस्तेमाल करती है। पनडुब्बियां इंजन कई प्रकार से चलती है जैसे बैटरी, डीजल इंजन, स्टर्लिंग इंजन अन्य तरह के इंजन का उपयोग में है। बारूद की खोज के बाद पनडुब्बियों की क्षमता भी बढ़ गई।

पनडुब्बी का अविष्कार किसने किया

साल 1620 में डच के कार्निलियस आविष्कारक वेंन ड्रेबल ने सबसे पहला प्रोटोटाइप पनडुब्बी साल 1620 में बनाई। हालाँकि प्रारंभिक योजना ब्रिटिश के गणितज्ञ द्वारा साल १५७८ में बनाई गई थी लेकिन पहला पनडुब्बी बनाने वाले ड्रेबल के नाम पर ही है। पहली पनडुब्बी लड़की से बनाई गई थी और इसमें बने होल को कई तरह के चमड़ों के आवरणों द्वारा इन होलो को सील कर दिया गया था।

पनडुब्बी कैसे काम करती है ?

पनडुब्बी पानी से भरे ऊपरी और नीचले वाल्वों की उपस्थति के द्वारा इंजन में ऊर्जा तैयार करती है, जैसे जैसे पनडुब्बी का घनत्व बढ़ जाता है , जिसके वजह से समुद्र के अंतरण में पनडुब्बी को जाने में आसानी होती है। पनडुब्बी को अगर समुद्र तट पर आना होता है, तब वाल्व में सम्पीड़ित हवा द्वारा पानी खाली हो जाता है। यही नहीं पनडुब्बी के दोनों तरफ पंख लगे होते है , जो दिशा अनुसार समुद्र के गहराई में यात्रा सफल करता है।

पनडुब्बियों का इतिहास ?

साल 1578 में ब्रिटिश वैज्ञानिक विलियम बार्यन ने पनडुब्बी बनाने पर एक बुक लिखी थी, जिसमे उन्होंने पनडुब्बी नाव का डिज़ाइन बनवाया था। इस किताब में उन्होंने पनडुब्बी के विशेषताओं को दर्शाया यानी पनडुब्बी समुद्र में भीतर गोता लगा सकता है और चल भी सकता है।

  • साल 1620 में, यानी चालीस साल बाद डच के भौतिक वैज्ञानिक इस पुस्तक से काफी प्रेरित हुए और उन्होंने इस पनडुब्बी को बनाने का ठान लिया।
  • साल 1710 में अमेरिकन आविष्कारक डेविड बुशनोल “टर्टल” नाम की पनडुब्बी बनाई और इसका उपयोग पहली बार नौसैनिक युद्ध में अपने दुश्मन पर हमला करने के लिए किया गया था।
  • साल 1875 में जॉन हॉलैंड ने पहली यांत्रिक पनडुब्बी बनवाई जिसका नाम था “हरलैंड १ ” और यह पनडुब्बी स्टीम प्रोपल्शन पर आधारित थी।
  • साल 1897 में हरलैंड बोट का कुछ वैज्ञानिको ने आविष्कार किया जिसमे इलेक्ट्रिक मोटर से संचालित गैसोलीन इंजन का उपयोग किया गया था।
  • साल 1880 में अमेरिकन आविष्कारक पुल्टन ने फ्रांस के सेना के लिए एक विशाल पनडुब्बी “नॉटिलस” बनवाई।

पनडुब्बी से रिलेटेड कुछ FAQs

भारत की सबसे पहली पनडुब्बी कौन सी है

साल 1967 में ,सबसे पहली पनडुब्बी “कलवरी” बनाई गई थी और इसे युद्ध के लिए भारतीय नौसेना में पहली बार शामिल किया गया था।

दुनिया की सबसे बड़ी पनडुब्बी कौन सी है

रूस में आविष्कारित “टाइफून क्लास ” पनडुब्बी सबसे विशाल है जो रूस नौसेना युद्ध के लिए अपने पास उपयोग करती है।

पनडुब्बियों को आमतौर पर कई श्रेणियों में संचालित किया गया है :

  • ऊर्जा स्त्रोत आधारित पनडुब्बी – परमाणु , डीजल , संयुक्त चक्र भाति, ईंधन , हाइड्रोजन विश्लेषण आधार से बने पनडुब्बियां है।
  • हतियार आधारित पनडुब्बियां – तारपीडो , बैलिस्टिक , मिसाइल , रासायनिक मिश्रित आधार पर पन बानी पनडुब्बियां है।
  • आकर आधारित पनडुब्बियां – मध्यम , मंडरा और छोटा।

भारत नौसेना और पनडुब्बियां ?

विश्व के सभी नौसेना के सम्मान ही भारतीय नौसेना के पास भी बड़े बड़े पनडुब्बयां शामिल है। हमारे भारत के पास लगभग 16 डीजल अंतरित पनडुब्बियां वर्तमान काल में शामिल है। यह पनडुब्बियों को भारत ने रूस और जर्मनी से बड़े पैमाने पर खरीदी की है। साल 2021 में 6 और पनडुब्बियां नौसेना में शामिल की गई थी। भारत द्वारा सबसे प्रथम लड़ाकू पनडुब्बी पोत अरिहंत बनाई गई, विशाखापट्नम शहर में आज भी कई सारे अरबों डॉलर्स नए नए पनडुब्बी परमाणु बनाने पर खर्च की जा रहे है। विश्व में विशेष पनडुब्बी नौसेना के लिए बनाने में भारत का छठा स्थान है।

इस समुद्र यन्त्र के आविष्कार ने हमारे भौतिक विज्ञानं सीमा को बदल कर रख दिया। आज युद्ध के दौरान दुश्मनो को काफी आसानी होती है समुद्र के भीतर से वार करना , और मारने के लिए भी आसान हो जाती है । हमें और हमारे प्रियजन को बचाने में हमारे नौसेना हर तरह से हमारी रक्षा कर रहे है , और हम अपने नौसेना को सलाम करते है। आज हम सुरक्षित घर पैर बैठे है इसका श्रेय हमारी आर्मी को जाता है , जो हमें हर तरह से रक्षा कर रहे है , चाहे वो वायु, समुद्र हो या बॉर्डर हो। हमारे भारत में आज कई ऐसे विशेष तकनिकी पनडुब्बियां बन रही हे , जो काफी मोडर्निज़ेशन और टेक्नोलॉजी से परिपूर्ण होगा। यह परमाणु हमें आगे आने वाले सारे युद्धों में हमारे नौसेनाओ का साथ देगा और हमारे भारत के सरकार ने इसे हमारे मित्र देशों को भी बेचने का एलान किया है।

निष्कर्ष

हमें यकीन है आपको हमारे आर्टिकल “पनडुब्बी का आविष्कार किसने किया” से काफी लाभ पहुंचा हो। हम आपके लिए इसी प्रकार कई सारे आर्टिकल्स लाते रहेंगे, आप हमारे हिंदी टॉप वेबसाइट पर हमारे साथ इसी तरह बने रहिये। हमारे इस आर्टिकल से ant तक हमारे साथ जुड़ने के लिए धन्यवाद्।


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