दूरबीन का अविष्कार किसने किया. दूरबीन की खोज किसने की

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हेलो दोस्तों, आज इस आर्टिकल में हम आपको दूरबीन का अविष्कार किसने किया. दूरबीन की खोज किसने की जानकारी बताना चाहेंगे। क्या आपने कभी दूरबीन या टेलिस्कोप का प्रयोग किया है ? दूरबीन का प्रयोग आपने स्कूल्ज , कॉलेज में अवश्य किया होगा। अगर आपको यह अवसर नहीं मिला और आपको आकाश के चाँद तारों को अपने पास देखने का मन है तो हम बता दे की आजकल आपको ऑनलाइन या दुकानों में भी छोटे दूरदर्शी मिल जाते है जिससे आप आसमान के तारों और चाँद को टेलिस्कोप के जरिये देख सकते है

दूरबीन क्या है ?

दूरबीन या दूरदर्शी या फिर टेलिस्कोप आप कुछ भी कह लो एक ऐसा यंत्र है जिससे देखने पर दूर की वस्तुएँ बड़े आकार की और स्पष्ट दिखती है। इस यंत्र के निर्माण से हम अंतरिक्ष के सारे ग्रहों को काफी पास से देख सकते है। यह विज्ञानं में एक चमत्कार खोज है जिसमे आप सेंकडो दुरी पर बसे वस्तुओं को काफी पारदर्शी रूप में आपके सामने दिखती है। इस यंत्र में ऑप्टिकल लेन्सेस को इस तरह बनाया गया है , जिसमे दूर का ब्रम्हांड आपको 20 गुना पारदर्शी दिखने लगेगा। इस यंत्र की खोज के बाद कई वैज्ञानिको ने सारे ग्रहों का चयन शुरू कर दिया।

दूरबीन का अविष्कार किसने किया और कब हुआ ?

दूरबीन का अविष्कार 17 वि शताब्दी में हुआ। हॉलैंड के मिडलबर्ग नामक शहर में एक चश्मा बनाने वाले के बेटे के हातों से संयोग से बना। इस चश्मे व्यवसाय बनाने वाले का नाम था हेंस लिपरशी । एक बार हेंस लिपरशी ने अपने बेटे को अपने दूकान ले आए थे और उनके बच्चे को रंग बिरंगे चश्मों से खेलना काफी पसंद था। अपने बेटे के पसंद को ध्यान रखते हुए हेंस लिपरशी ने अपने बेटे को काम सौपा , जिसमे उसे अलग रंग के कांच को अलग करके रखना था। उनका बेटा खेलते खेलते उन चश्मों के टुकड़ो को एक साथ देखने लगा। देखते देखते उसे बहुत दूर बसी गिरजाघर अपने पास दिखने लगी , और यही द्रश्य उसने अपने पापा को दिखाई। यह देख हेंस लिपरशी काफी आश्चर्यचकित रह गए। उन्हें यह संयोग कम और अनजाने में अविष्कार ज्यादा लगा।

इसके बाद हेंस लिपरशी ने इससे दूरबीन बनवाया और इसका एक पेटेंट बनवा लिया। इस दूरबीन का अविष्कार के उन्होंने दो तरह के नाम रखे -एक दूरबीन का नाम रखा उत्तल लेंस और दूसरा अवतल लेंस जिसका पेटेंट उन्होंने 25 सितम्बर साल 1608 में करा लिया।

इस लेंस का निर्माण काफी प्रसार हुआ और यह बात प्रसिद्ध वैज्ञानिक गैलिली गैलिलियो तक पहुंची। इसके बाद उन्होंने निर्णय लिया एक ऐसे दूरबीन बनाने का जो हमारे ब्रह्माण्ड को हमारे आँखों के सामने ले आएगी।

गैलिली गैलिलियो कौन थे ?

गैलिलियो का जन्म हुआ 15 फेब्रुअरी ,साल 1564 में आधुनिक इटली के शहर पीसा के पास हुआ। गैलिलियो अपने माता पिता के 6 वि संतान है और इनका जन्म गायक परिवार में हुआ। यह महान इतावली खगोलशास्त्र ,गणित और भौतिक वैज्ञानिक थे। इन्होने सौर मंडल के ग्रहों का अध्ययन , बृहस्पति के चार चंद्रमाओं की खोज अपने भौतिक विज्ञानं से की। दूरबीन की अविष्कार इन्होंने की , इसके बाद दूरबीन की सहायता से बृहस्पति गृह के 4 उपग्रहों का अविष्कार इस महान वैज्ञानिक ने किया।

गैलिलियो ने अपने बनाए दूरबीन के सहारे काफी समय तक बृहस्पति गृह का चयन किया। इसी शोध के दौरान उन्होंने चार चन्द्रमाओ की खोज की और उस चन्द्रमाओ को गैलिलियो चन्द्रमा भी कहा जाता है। इन चार गैलिलियो चंद्रमाओं के नाम है – लो ,कैलिस्टो , गेनीमेड और यूरोपा।

गैलिलियो ने एक और खोज लगाई जिसमे उन्हें पृथ्वी के सबसे निकट वाला तारा का चयन किया जिसका नाम बाद में रखा गया प्रोक्सिमा सेन्टौरी जो की हमारे पृथ्वी से लगभग 4.24 लाइट सालों की दुरी पर है। गैलिलियो का दूरदर्शी टेलिस्कोप एक अपवर्तक दूरदर्शी है।

यह भी पढ़े – मोबाइल का अविष्कार किसने किया

आइसेक निवटंन का दूरबीन में क्या योगदान था ?

आइसेक निवटंन का योगदान सबसे ज्यादा है वैज्ञानिक क्षेत्र में। इनके एक प्रयोग में इन्होने पुष्टि की है की – किसी भी विभिन्न रंग पर अगर कोई एक स्वाभाविक रंग डाला जाता है , तो यह पारस्परिक क्रिया के कारण वास्तु के रंग में परिवर्तन होता है। कई रंगो के सम्मलेन से एक नया रंग का अविष्कार होता है , इस थ्योरी को निवटंन कलर थ्योरी कहा जाता जो की काफी प्रचलित हुई।

इसी अविष्कार से निवटंन ने एक विशेष प्रकार की अपवर्तक दूरबीन का निर्माण किया। इस दूरदर्शी का नाम नेओटोनियन दूरदर्शी रखा गया। पहले अपवर्तक दूरबीन में लेंस का उपयोग किया गया लेकिन लेंस की वजह से रिफ्रक्शन काफी ज्यादा होता था जिससे इमेज धुंधली दिखाई पड़ती थी । इसलिए निवटंन ने लेंस की जगह मिरर का उपयोग किया।

रेडियो दूरदर्शी क्या है. रेडियो दूरदर्शी का अविष्कार किसने किया ?

जैसे प्रकाश दूरदर्शी में प्रकाश के द्वारा हमे आकाश की गृह नक्षत्रो की जानकारी हासिल होती है उसी प्रकार रेडियो दूरदर्शी में प्रकाशीय पिंडों द्वारा उत्सर्जित रेडियो तरंगो के सिग्नल्स जो ऐन्टेना द्वारा अंतरिक्ष के ग्रहों और तारो की सुचना हमे देती है और गैलेक्सी का अध्ययन करती है ।

रेडियो दूरदर्शी का अविष्कार अमेरिकन रेडियो इंजीनियर और मशहूर फिजिसिस्ट साल 1931अगस्त में किया

आज के दौर के प्रसिद्ध दूरदर्शी

  • हबल अंतरिक्ष दूरदर्शी
  • जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरदर्शी
  • यर्कीज़ दूरदर्शी
  • माउंट विलसन दूरदर्शी
  • हेल परावर्तक दूरदर्शी

दूरबीन के कितने प्रकार है?

दूरबीन के दो प्रकार है , पहला है अपवर्तन दूरदर्शी ( refracting telescope ) और दूसरा है परवर्ती दूरदर्शी (reflecting telescope )

परावर्ती दूरदर्शी

इसे हम reflecting telescope कहते है। इस दूरदर्शी में लेंस की जगह अभिदृश्य दर्पण यानि मिरर होता है जो दूर के द्रश्यों को देखने के लिए विद्युत् चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के द्रश्य भाग का सहारा लेता है।

इस परवर्ती दूरदर्शी के पांच प्रकार हे – प्राइम फोकस दूरदर्शी ,कैसेग्रेन दूरदर्शी, नेव्तोन दूरदर्शी ,कौडे दूरदर्शी और ग्रिगोरीय दूरदर्शी।

इन पांचो में आपको परावर्तक की धरातल की आकृति भाग में परिवर्तन मिलेगा।

अपवर्तन दूरदर्शी

इस दूरदर्शी में आपको एक प्रकार का ऑप्टिकल लेंस का प्रयोग किया जाता है refractor भी कहा जाता है।
अपवर्तन दूरदर्शी में आपको दो प्रकार मिलेंगे : खगोलीय दूरदर्शी और पार्थिव दूरदर्शी।

खगोलीय दूरदर्शी में आकाशीय पिंड को देखने के लिए बनाया गया है – प्लैनेट्स , चंद्र माँ, तारें, धूमकेतु आदि। इस दूरदर्शी को एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप भी कहाँ जाता है।

निष्कर्ष

हमे आशा है आपको हमारी आर्टिकल से काफी लाभ हुआ होगा और हमारे इस आर्टिकल में अंत तक जुड़ने के लिए शुक्रिया। और आप को सभी जानकरी मिल गई होगी दूरबीन का अविष्कार किसने किया. दूरबीन की खोज किसने की


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