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धारा 144 क्या है | What is Dhara 144 in Hindi

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हैलो दोस्तों, स्वागत है आपका! आपकी अपनी वेबसाईट हिन्दी टॉप जहां हम आज आपको बताने वाले हैं की धारा 144 क्या है। आपने कभी न कभी न्यूज चैनल्स में, अखबार में या किसी को बोलते ज़रूर सुना होगा की फलानी जगह प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है या पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी है लेकिन क्या आपको पता है की धारा 144 क्या है। अभी हाल ही में हुए कर्नाटक विवाद में भी जन हिंसा के होने की संभावना दिखने के बाद जिला अधिकारी ने कर्नाटक के कई हिस्सों में धारा 144 लागू कर दी थी। जिसके बाद तय स्थान पर भीड़ इकट्ठा नहीं हो सकती थी।

भारतीय संविधान के अनुछेद्ध 19 के अनुसार प्रत्येक नागरिक के पास शांतिपूर्वक एवं बगैर हथियार के जमा हो सकते हैं और जुलूस रेलियाँ आदि निकाल सकते हैं लेकिन इसकी कुछ पाबंदीय और सीमाएं हैं। अगर कोई भी ये सीमाएं लांघता है और शांति व्यवस्थाएं भंग करता है तो वह आपराधिक गतिविधियों के अंतर्गत आता है। ऐसे में किसी जगह की शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वहाँ धार 144 का उपयोग किया जाता है। ऐसे में प्रश्न उठता है की धारा 144 क्या है..? और यह कब कानून व्यवस्था में आई। आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे की धारा 144 क्या है, धारा 144 किन परिस्थितियों में लागू की जाती है, धारा 144 कौन लगाता है, क्या धारा 144 को तोड़ने या इसके उलंघन करने पर क्या सजा मिलती है। जानेंगे ये सब इस पोस्ट के माध्यम से, तो चलिए शुरू करते हैं-

धारा 144 क्या है

धार 144 CrPC ( Criminal of Criminal Procedure ) यानि ‘ दंड प्रक्रिया संहिता ‘ के अंतर्गत आने वाली एक धारा है। जो की देश में कहीं भी हालात बिगड़ने या इसकी संभावना होने पर लागू कर दी जाती है। आमतौर पर धारा 144 चुनावी माहौल में लगा दी जाती है ताकि कोई भी अनैतिक गतिविधि होने से रोकी जा सके। CrPC को साल 1973 में पारित किया गया था जिसके बाद इसे वर्ष 1974, 1 अप्रैल को इसे लागू कर दिया गया। किसी अपराध के घटित होने पर पुलिस द्वारा दो प्रक्रिया अपनाई जाती है जिसमें एक प्रकियाँ पीड़ित व्यक्ति के संबंध में और दूसरी अपराधी के संबंध में होती है। धारा 144 को कुछ आपराधिक घटना जैसे हिंसा, दंगा, मारपीट और लुटपाट आदि पर रोक लगाने और पुनः शांति व्यवस्था को कायम करने के लिए लगाई जाती है। यह धारा केवल दो माह तक की अवधि के लिए होती है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा इसकी वेधता बाधक 6 माह तक भी बढाई जा सकती है और स्थिति के सामान्य होने पर इसे हटा दिया जाता है।

निचे हम आपके साथ एक वीडियो शेयर कर रहें हैं जिसमें की आप और अच्छे से जान सकते हें की धारा 144 क्या है

धारा 144 किन परिस्थतियों में लागू की जाती है

देश में कहीं भी, किसी के भी द्वारा और किसी भी प्रकार की घटना जिससे की वहाँ के कानून व्यवस्था के अनुसार अगर शांति व्यवस्था भंग होती है, या दंगे, मारपीट, लुटपाट, आगजनी जैसी हिंसक घटनाएं होती है तो इस स्थिति में धारा 144 लागू कर दी जाती है। यह धारा एक तय सीमा तक लगाई जाती है जो की 2 माह तक की हो सकती है, लेकिन स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाकर 6 माह तक भी की हो सकती है।

धारा 144 कौन लगाता है

यह धारा शहर के जिला मजिस्ट्रेट या डीएम के द्वारा नोटीफीकैशन जारी होने के बाद लगाई जाती है। यह धारा किसी तहसील, जिले या थाने में लगाई जा सकती है। वहीं चुनाव के समय में यह धार एक निश्चित स्थान पर एक निश्चित समय तक के लिए लगा दी जाती है। धारा 144 के लगने के बाद वहाँ रह रहें लोगों को कई कड़ी नियमों का पालन करना होता है जैसे की-

  • वहाँ एक ही स्थान पर 4 या उससे अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते है।
  • उस स्थान पर हथियार लाने और ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।
  • जुलूस और रेलियों के निकालने पर रोक लगा दी जाती है।
  • स्कूल, कॉलेज तय सीमा के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
  • इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया जाता है

धारा 144 के उलंघन करने पर क्या सजा मिलती है

जो भी व्यक्ति धारा 144 के नियमों का पालन नहीं करता है या इसके तहत आने वाले नियमों का उलंघन करता है तो वह अपराधी श्रेणी के अंतर्गत आता है। धारा के नियमों का उलंघन करने पर अपराधी को धारा 107 अथवा धारा 151 के तहत गिरफ्तार भी किया जा सकता है। गिरफ़्तारी के बाद दोषी को वहाँ के SDM और SP के सामने पेश किया जाता है। यह एक जमानतीय अपराध है, जिसमें दोषी की जमानत करवाई जा सकती है। दोष सिद्ध होने पर दोषी को 1 वर्ष से लेकर तीन वर्ष तक की सजा भी हो सकती है या इसके साथ जुर्माना भी भरना पद सकता है।

निष्कर्ष

उम्मीद है आपको आज का आर्टिकल धारा 144 क्या है पसंद आया होगा। अगर आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आती है तो आप इस आर्टिकल पर लाइक कमेन्ट कर सकते हैं और उसे शेयर भी कर सकते हैं। आपका एक लाइक हमारे लिखने और नए आर्टिकल को बटोरने में हमारी सहायता करेगा। इसी तरह हमारी पोस्ट पर अंत तक जुड़े रहने के लिए धन्यवाद।


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Kajal kori

मेरा नाम काजल कोरी है,मैं एक हिन्दी कंटेन्ट राइटर हूँ और मुझे लिखने का शौक है|

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