कैलकुलेटर का आविष्कार किसने किया | Calculator ka Avishkar kisne kiya

Share Now
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नमस्ते दोस्तों, कैसे है आप सब ? हमें आशा है आप और आपके परिवारजन स्वस्थ्य और खैरियत है। आज हमारे पोस्ट में हम आपको गणितज्ञ और विज्ञान में ख़ास तौर पर इस्तेमाल किये जाने वाले कैलकुलेटर का आविष्कार किसने किया (Calculator ka Avishkar kisne kiya) इस विषय पर आपको सारांश से जानकारी बताएंगे। कंप्यूटर के आने से पहले कैलकुलेटर का उपयोग काफी प्रचलित था, लेकिन आधुनिक काल में भी आप कई जगहों पर इसका उपयोग करते देख रहे होंगे। आज भी छोटे से छोटे गणित विषय यानी लेन देन करते वक़्त कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते ही है। वर्तमान काल में देखा जाए तो आज कंप्यूटर, लैपटॉप्स, मोबाइल फ़ोन्स में ही कैलकुलेटर का सिस्टम इनबिल्ड होता है, इसी के जरिये हम रोज़ भरी कामों का गणितज्ञ कर लेते है।

क्या आप जानते है की आज का कैलकुलेटर करीबन साल 1642 में बनाया गया यानी लगभग 400 साल पुराना है । आम कैलकुलेटर के अलावा साइंटिफिक कैलकुलेटर भी बाद में विक्सित हुआ जो की विज्ञानं क्षेत्र में काफी इस्तेमाल किया जाता है और कॉलेजेस में भी साइंटिफिक कैलकुलेटर के बिना आप विज्ञान क्षेत्र पास नहीं कर पाओगे ।

कैलकुलेटर क्या है ?

कैलकुलेटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है यानी एक छोटा सा यन्त्र है जो गणितज्ञ अंको का न्यूमेरिकल ऑपरेशन अपने यूज़र के उपर्युक्त प्राप्त कराता है।

कैलकुलेटर किस तरह काम करता है ?

कैलकुलेटर के आतंरिक सिस्टम में इंटीग्रेटेड सर्किट्स होते है जो चिप्स की तरह दीखते है , इन सर्किट्स को काम में लाए जाने के लिए छोटे ट्रांसिस्टर्स का उपयोग किया जाता है। यह चारों प्रकार के न्यूमेरिकल ऑपरेशन्स जैसे जोड़ा , घटाना , गुना और भागा के अलावा परसेंटेज कैलकुलेट करता है। कैलकुलेटर ज्यादातर बैटरी से चलती है। बैटरी को नियमित रूप से AC अडाप्टर या सोलार कन्वर्टर के जरिये भी रिचार्ज किया जा सकता है।

कैलकुलेटर का आविष्कार किसने किया ?

पहला यांत्रिक कैलकुलेटर साल 1642 में फ्रांस के वैज्ञानिक ब्लैस पास्कल ने निर्माण किया था। सिर्फ 19वर्ष के उम्र में ही उन्होंने इस यन्त्र का निर्माण किया था। इस कालूलेटर में सिर्फ तीन ही न्यूमेरिकल ऑपरेशन जैसे जोड़, गुना और घटाना कर सकते थे। इस कैलकुलेटर में इन्होने इंटरलॉकिंग गियर का इस्तेमाल किया था, जिसे हम टेलीफोन में डायल करने जैसे संख्याओं को डायल कर सकते है और इसका गणितज्ञ करने पर आपको इसके विंडो में कैलकुलेशन दीखता था।

साल 1694 में, लेइब्निज़ नामक जर्मनी के आविष्कारक ने इस कैलकुलेटर में कुछ बदलाव लाए जैसे इसमें अब गुना विभाजन कर सकते थे।

कैलकुलेटर का क्या इतिहास है ?

ब्लेस्स पास्कल के आविष्कार से पहले साल 1623 में पहला एड्डिंग मशीन बना जिसका नाम कॅल्क्युलेटिंग क्लॉक रखा गया। इस यन्त्र का अविष्कार विल्हेल्म स्खिक कर्ड ने किया था।

साल 1773 में वैज्ञानिक फिलिप ने पहला फंक्शनल कैलकुलेटर का निर्माण किया था। यह कैलकुलेटर के जरिये टारमंडलों और घड़ियाँ की गणना करने में मदद मिलती थी ।

साल 1820 में , चार्ल्स ज़ेवियर थॉमस ने “अर्थ्रोमीटर” नाम का पहला मैकेनिकल कैलकुलेटर बनाया जो आगे काफी सफल हुआ और इससे बड़े पैमाने यानी कमर्शियल उपयोग के लिए बनवाया गया था।

साल 1954 में IBM कंपनी द्वारा आल ट्रांजिस्टर कैलकुलेटर बनाया गया और इस कैलकुलेटर का नाम IBM 608 रखा गया था।

साल 1961 में ग्रेट ब्रिटैन के वैज्ञानिक बेल्ल पंच ने इलेक्ट्रॉनिक डेस्कटॉप कैलकुलेटर बनाई और इस कैलकुलेटर का नाम उन्होंने ANITA MK – 8 रखा था।

साल 1967 में टेक्सास इंस्ट्रूमेंट कंपनी ने हांडलेड कैलकुलेटर का निर्माण किया और यह कैलकुलेटर का नाम CAL TECH रखा गया था और इसमें कीबोर्ड से गणना किया जाता था , इस कीबोर्ड में 18 कीस का उपयोग किया गया था।

साल 1971 में कैलकुलेटर पॉकेट के आकर में विक्सित हुआ जिसमे छोटे इंटीग्रेटेड चिप्स का इस्तेमाल किया गया था और साथ ही LED डिस्प्ले इस कैलकुलेटर में लगाया गया था। यह कैलकुलेटर की कीमत करीबन $ 395 थी जो उस समय काफी महंगी बेचीं गयी थी।

साल 1974 में प्रोग्रामिंग कैलकुलेटर का विक्सित हुआ जिसे HP – 65 नाम रखा गया था, इस कैलकुलेटर के जरिये प्रोग्रामर्स 100 लाइन का प्रोग्राम लिख सकते थे और इससे रिकॉर्ड बनाकर रखते भी थे। इस कैलकुलेटर की कीमत $795 थी और यह पहला कैलकुलेटर था जिसे स्पेस में उपयोग के लिए भेजा गया था।

साल 1985 में, CASIO नाम की कंपनी ने पहला ग्राफ़िक कैलकुलेटर का आविष्कार किया था और इस कैलकुलेटर में 422 बाइट्स के मेमोरी स्टोरेज थी जिसमे 10 प्रोग्राम डाटा को स्टोर किया जा सकता था।

साल 2003 में पहली ग्राफ़िक कैलकुलेटर विथ टच फंक्शन्स के साथ लांच किया गया था और इसका नाम SHARP EL 9650 रखा था और इसे शार्प कंपनी द्वारा बनाया गया था। टच स्क्रीन कैलकुलेटर के आने से काफी सारे बदलाव बादमे फोन में किये गए।

साल 2010 में कैसिनो कंपनी ने पहला कलर ग्राफ़िक कैलकुलेटर बनाया गया जो डिसाइनिंग और विज्ञानं क्षेत्र में काफी परसपर हुआ।

कैलकुलेटर के प्रकार ?

मार्किट में वर्तमान काल में आपको अनेक प्रकार मिलेंगे लेकिन सबसे प्रचलित कैलकुलेटर की बात करें तो चार प्रकार काफी पॉप्लर है आज की दौर में :

  1. बेसिक कैलकुलेटर
  2. साइंटिफिक कैलकुलेटर
  3. ग्राफ़िक कैलकुलेटर
  4. फाइनैंशल कैलकुलेटर

बेसिक कैलकुलेटर

यह कैलकुलेटर है जो बच्चे से लेकर बड़े हर कोई गणना करने के लिए उपयोग करता है। इसमें चार न्यूमेरिकल ऑपरेशन्स जैसे जोड़ा , घटाना , गुना और भागा के अलावा परसेंटेज कैलकुलेट करता है।

साइंटिफिक कैलकुलेटर

यह एडवांस लेवल का कैलकुलेटर है जिसमे न्यूमेरिकल ऑपरेशन्स के अलावा लोगरिथ्म , नोटेशन ,फ्रैक्शन , स्टेटिस्टिक्स , मैट्रिक्स , कांस्टेंट , यूनिट चेंज , कैलकुलस , जैसे अन्य प्रकार के फंक्शन्स एक ही कैलकुलेटर में आपको मिल जाएगा।

ग्राफ़िक कैलकुलेटर

यह आर्किटेक्चर क्षेत्र के लिए डिसाइन की गई है , इसमें आपको एडवांस लेवल का गणतज्ञ मिलेगा जैसे ग्राफ मापना , बार चार्ट ,फ्रैक्शंस , पोलार , पाई चार्ट , लोगरिथ्म, रेक्टेंगुलर , रूट्स एंड पावर , स्टेटिस्टिक्स जैसे अन्य फंक्शन्स इस कैलकुलेटर में मिल जाएंगे।

फाइनैंशल कैलकुलेटर

यह कैलकुलेटर कॉमर्स क्षेत्र यानी एकाउंट्स वालो के लिए काफी उपयोगी गणितज्ञ यन्त्र है। इसमें आपको कई सारे फंक्शन्स जैसे – कॅश फ्लो, सिंपल एंड कंपाउंड इंटरेस्ट, मल्टी रिप्लाई जैसे अनोखे फीचर्स मिलेंगे।

कैलकुलेटर से प्रेरित होकर चार्ल्स बेबेज को कंप्यूटर बनाने में प्रेरणा मिली थी। उस समय कैलकुलेटर भी काफी विशाल हुआ करता था , जो धीरे धीरे नए विशेषताओं के साथ छोटा और विक्सित होता गया। प्राचीन समय यानी 17वि सदी और 18वि सदी में कैलकुलेटर दो हिस्से से जुड़े थे, ऊपरी हिस्सा डिस्प्ले था तो निचला हिस्सा डायल अंको वाला था। उस समय कैलकुलेटर का उपयोग बड़े बड़े वैज्ञानिक, अध्यापक ही करते थे, 19वि सदी तक इसके इस्तेमाल घर घर में होने लगा। आज भी कई सारे वैज्ञानिक इस कैलकुलेटर में कई बदलाव कर रहे है , जो गणित विज्ञानं के अभयास को बारकी से परख सकें। इन्ही वैज्ञानिको के योगदान की वजह से आज हम कई सारे साधनों का आनंद उठा रहे है , टेक्नोलॉजी की लहार ने जैसे मानव जीवन को न रुकने का आकर दिया हो।

निष्कर्ष

हमें आशा है आपको हमारी आर्टिकल कैलकुलेटर का आविष्कार किसने किया ( Calculator ka Avishkar kisne kiya ) से अच्छी जानकारी मिली हो, हम इसी प्रकार आपके लिए नए आर्टिकल्स और पोस्ट्स अपने हिंदी टॉप वेबसाइट पर लाते रहेंगे। अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा हो , या आप कोई सुज़हाव हमें देना चाहते हो तो हमारे इस पोस्ट पर जरूर लाइक , कमेंट और शेयर करिये। इससे हमें और अच्छे आर्टिकल्स लिखने की प्रेरणा मिलेगी और हम एक नए पोस्ट के साथ फिर से हाज़िर होंगे। हमारे साथ अंत तक हमारे आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।


Share Now
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply