बिंग क्या है? और बिंग कैसे काम करता है

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Bing kya hai : हमें जब भी कोई भी जानकारी चाहिए होती है तो हम या आप सबसे पहले इंटरनेट ऑन करते हैं और गूगल सर्च पर जाकर उस विषय वस्तु के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

आज कल या यूं कह सकते है की अधिकतर लोग इंटरनेट के माध्यम से गूगल का उपयोग कर के जो भी जानकारी चाहिए उसके मुताबिक सवालों को सर्च कर करते हैं और गूगल के माध्यम से आपको या हमें भी सारी जानकारी मिल ही जाती है।आज के इस आर्टिकल में हम गूगल से मिलते जुलते सर्च इंजन बिंग के बारे में आपको बताएंगे।

माइक्रोसॉफ़्ट बिंग क्या हैं?

बिंग एक माइक्रोसॉफ्ट कंपनी से चलने वाला सर्च इंजन है। इस सर्च इंजिन को इंटरनेट खोज यंत्र यानी सर्च इंजन भी कह सकते है। बिंग सर्च इंजिन को माइक्रोसॉफ़्ट ने ही डिज़ाइन किया हैं यानी की बनाया है। इसके नाम रखने के पीछे काफी कहानियां है क्यों की कई बार इसका नाम का बदलाव हो चुका है। इसका पुराना नाम एमएसएन सर्च (MSN Search) रखा गया लेकिन बाद में इसका नाम विंडोज लाइव सर्च (Windows Live Search) रखा लेकिन शायद किसी कारण के वजह से इसका नाम बदल कर के इसे अंत में बिंग (Bing) रखा था और अब इसका पूरा नाम माइक्रोसॉफ्ट बिंग (Microsoft Bing) हैं। बिंग का उपयोग इंटरनेट पर जानकारी ढूंढने के लिए कर सकते हैं। बिंग भी गूगल के जैसा ही काम करता हैं और इसको गूगल का प्रतियोगी भी कहा जा सकता है या जाता हैं।

बिंग का फूल फॉर्म यानी बिंग का पूरा नाम [ What is Bing Full Form ]

हमने ये तो समझ लिया की बिंग क्या तो अब ये जानते हैं की बिंग की फूल फॉर्म यानी उसका पूरा और हिंदी में उसके नाम का अर्थ।बिंग का फूल फॉर्म हैं Bing was ultimately chosen for the reason that it is easy to spell, one syllable, and easy to remember और अगर इसे हिंदी में बोलना या लिखना हो तो इसका अर्थ है बिंग को अंततः इस कारण से चुना गया की ताकी उसकी वर्तनी यानी शब्द विन्यास (स्पेलिंग) आसान हो, एक शब्दांश हो, जो याद रखने में आसान हो।

माइक्रोसॉफ़्ट बिंग को आखिर बनाया किसने?

माइक्रोसॉफ़्ट बिंग के बारे में तो समझ लिया लेकिन अब जान लेते हैं की इसे बनाया किसने, बिंग सर्च इंजन को लाइव सर्च और एमएसएन (MSN) सर्च इंजन को टक्कर देने के लिए लांच किया गया था। इसे माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ स्टीव वॉल्मर (Steve Wallmar) द्वारा 28 जुलाई 2009 को लांच किया गया।

बिंग की खास बात क्या है?

माइक्रोसॉफ्ट बिग की खास बात ये है की इसके बैक ग्राउंड में आपको विडियोज देखने को मिल जाएंगी जो अक्सर हमें सर्च इंजन पर देखने को नहीं मिलता है। आप जो भी सर्च करेगें आप उससे रिलेटेड वीडियो को वोही देख सकते हैं। इसके अलावा इसके होम पेज पर भी विडियो और फोटोज देखने को मिलती है। आप यहां पर न्यूज, ट्रेडिंग खबरें, स्पोर्ट्स, शेयर मार्केट, मैथमेटिकल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, आदी की जानकारी ले सकते हैं।

बिंग के प्रोडक्ट्स कौन कौन से है ?

बिंग के प्रोडक्ट की लिस्ट की बात करें तो बहुत लंबी है, जिनमें से कुछ सफल तो कुछ असफल लेकिन यहां हम आपको कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स के बारे में बताएंगे जो सफल रहे यानी फेमस रहे।

बिंग एड्स (Bing Adds) क्या है ?

बिंग एड्स बिल्कुल गूगल एड्स की तरह ही है, आप बिंग एड्स का भी इस्तेमाल कर के अपने व्यापार को बढ़ा सकते है। इसमें भी आपको पे पर क्लिक (pay per click) ऐडवर्टाइज़मेंट का ऑप्शन मिलता है। इसमें आप पीपीसी विज्ञापन चला सकते हैं।

बिंग एड्स नेटवर्क (Bing Adds Network) क्या है ?

जैसे गूगल एडवर्ड्स आप को अपने सर्च इंजिन में और गूगल के पार्टनर नेटवर्क पर एड्स चलाने के लिए अनुमति प्रदान krta है। बिंग एड्स नेटवर्क भी याहू (yahoo)और एओएल (AOL) जैसे सर्च इंजिन मे विज्ञापन (एड्स) चलाने की अनुमति देता है। जिसका अभी भी काफी लोग उपयोग करते रहे है।

बिंग का कितना इस्तेमाल होता है?

अब आपमें से कई लोग जो सोच रहें होंगे की इसका इस्तेमाल कौन ही करता होगा या गूगल के बाद इसका कितना नम्बर आता है, माइक्रोसॉफ्ट बिंग सर्च इंजन है और इसका नंबर गूगल के बाद ही आता है।वैसे तो दूसरे नंबर पे यूट्यूब का भी सर्च इंजिन आता हैं, पर यूट्यूब एक विडियो स्ट्रीमिंग प्लैटफ़ार्म हैं और बिंग तो एक सर्च इंजिन

तो आप इसे सर्च इंजन के रूप में देखे तो गूगल के बाद बिंग का ही नंबर आता है, और ये भी गूगल की तरह बिल्कुल फ्री में इस्तेमाल कर सकते हैं। पर ये गूगल क्रोम की तरह बिल्कुल नहीं है।

माइक्रोसॉफ़्ट बिंग तक कैसे पहुंचे?

इसका उपयोग काफी आसान है।आप किसी भी ब्राउज़र में जा कर bing.com सर्च करना है और जो भी अगली वेबसाइट ओपन होगी वो बिंग की होगी।


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