TutorialTechnology

बन्दूक का आविष्कार किसने किया ? बंदूक का आविष्कार कब हुआ

Share Now
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

हेलो दोस्तों, हमारे Hindi Top वेबसाइट में आपका स्वागत है । कैसे है आप सब, हमें यकीन है आप और आपके परिवार जन सब ही खुश और खैरियत है। आज हमारे आर्टिकल में हम आपको “बन्दूक का आविष्कार किसने किया” यह बताएंगे। बन्दूक के और भी नाम है जैसे गन, कट्टा, घोडा ऐसे नाम अलग अलग जगहों पर कहाँ जाता है।

बन्दूक के आविष्कार से हमारे दुश्मनो पर इस्तेमाल करने के लिए अरे रुकिए रुकिए दुश्मन यानी आस पास के नहीं बल्कि बन्दूक अपने सिपाहियों के पास होता है अपने दुश्मन पर वार करने के लिए। इसके अलावा अमीर लोग भी बन्दूक का इस्तेमाल करते है उनके धन दौलत का निगरानी करने के लिए। बन्दुक हर कोई अपने पास नहीं रख सकता क्यूंकि इससे खरीदना इतना आसान नहीं है, इसमें आपको लाइसेंस की जरुरत पड़ती है। बन्दूक आम तौर पर हर देश के सिपाही , पुलिस , कमांडो, नेवी आदि के पास दिया जाता है।

बन्दूक क्या है ?

बन्दूक एक हथियार है जिस कट्टे में एक गोली होती है, जिसे निचे दिए गए नल्ली को दबाने पर विस्फोटक तरीके से बाहर निकलती है। गोली इतनी तेज़ी से निकलती है की सामने वाले की जान तक लेलेती है। यह बन्दूक दे निकली विस्फोटक के जरिये गर्म गैस प्रज्ज्वलित होती है जिसकी वजह से गोली पर बल पड़ता है जिसके कारण यह गोली बड़ी तीव्रता से बाहर निकलती है।

बन्दूक कैसे काम करता है ?

बन्दूक में गन या बुलेट को चलने के लिए कम्बुशन के जरिये दबाव की वजह से प्रेशर गैस तैयार करता है जिसके वजह से बुलेट काफी गति से आगे बढ़ती है।

बन्दूक का आविष्कार किसने किया था ?

बन्दूक का आविष्कार 9वि सदी में वैसे तो चीन में की गई थी। काला पाउडर का निर्माण चीन से होकर कई प्रांतों में फ़ैल गया । उनमे से प्रमुख प्रान्त है अफ्रीका, यूरोप में आग की तरह फ़ैल गया। बस इसके बाद वैज्ञानिको ने इस हथियार को अलग अलग तरीके से बनाने में जान डाल दी। इसके बाद रेवोल्वर का आविष्कार किया गया साल 1836 में अविष्कारक सामुएल कॉल्ट ने बनाई। इस बन्दूक में आप 5 गोलिया भरकर इसका इस्तेमाल कर सकते है ।

बन्दूक मुख्यतः कितने प्रकार के है ?

रिवॉल्वर , पिस्तौल , राइफल , मस्कट , मशीन गन, राकेट लांचर इन मुख्य प्रकार से प्रेरित होकर कई तरह के बन्दूक बनाए गए है।

बन्दूक की गोली या बुलेट किस तथ्य से बनी है ?

बन्दूक में मौजूद गन पाउडर मुख्य तथ्य है जो रासायनिक फार्मूला के जरिये बारूद गंधक , कोयला या शोरा जैसे पोटैशियम नाइट्रेट या सॉल्ट पीटर के रासायनिक मिश्रण से तैयार किया जाता है।

बन्दूक की रफ़्तार कितनी होती है ?

सामान्य बन्दूक की रफ़्तार लगभग 2500 फ़ीट पर सेकण्ड्स होती है यानि एक घंटे में 1700 मिल का समय गति तय कर लेती है।

बन्दूक का इतिहास

बन्दूक की गोली गनपाउडर और रासायनिक मिश्रण से बनाई जाती है। इस गनपाउडर का इस्तेमाल आर्म्स और अम्मुनिशंस में, फायर आर्म्स में कई सदियों से इस्तेमाल किया जाता था जिसकी खोज 9वि सदी में चीन में की गई। इस गनपाउडर का उपयोग जंग लड़ने के लिए किया जाता था।

प्राचीनकाल में बन्दूक से पहले जंग हथियार के तौर पर तलवार का उपयोग किया जाता था। इसके बाद धीरे धीरे गनपाउडर के आने से बन्दूक का निर्माण हुआ। पहला बन्दूक बम्बू यानि लकड़ी का बनाया गया था। फ़ायरलान्स नाम की गन बम्बू उस समय जंग के लिए किया जाता था। धीरे धीरे इस बन्दूक को लकड़ी से लोहे के बन्दूक में बदलाव लाया गया और यह बंदूकें काफी मजबूत कट्टर हुआ करती थी।

सोलवी सदी तक अन्य तरह के बंदूकें जैसे पिस्तौल आदि का उपयोग सामान्य थी, जिसमे गोलिया मुख से भरी जाती थी।

18वि सदी में, ऐसी बंदूकें बनाई गई जिसमे गोले का इस्तेमाल होता था जिसे विस्फोटक करते ही अपने निशाने पर जाकर फट जाती थी।

19वि सदी में कारतूस वाली बन्दूक काफी प्रसिद्द हुई जहां गोलिया पीछे की तरफ से भरी जाती थी। 19वि सदी में राइफल काफी चर्चित हो गई थी। इस बन्दूक में कारतूस को भरने के लिए मैगज़ीन का इस्तेमाल किया जाता था। इसमें कारतूस को बन्दूक की नल्ली में भेजने के लिए बोल्ट का प्रयोग होता था। यह राइफल वर्ल्ड वॉर 1 और वर्ल्ड वॉर 2 दोनों विश्वयुद्धों में काफी इस्तेमाल किया गया था। 19वि सदी में मशीन गन का आविष्कार हो गया जो आज के युग में बड़े पैमाने पर मिलिट्री में उपयोग हो रहा है।

कोण कोण सी बन्दूक के लाइसेंस मिलता है ?

आम नागरिकों के लिए सिर्फ शॉर्टगन ,हैंडगन और स्पोर्टिंग गन के लाइसेंस ही प्राप्त कर सकते है। एक व्यक्ति सिर्फ तीन बंदूकों का लाइसेंस ले सकता है। यानि शॉर्टगन , हैंडगन और स्पोर्टिंग गन में से प्रत्येक एक ही गन रख सकते है।

बन्दूक की लाइसेंस क्यों जरुरी है ?

अगर लाइसेंस नहीं जारी की गई तो बन्दूक का काफी गलत इस्तेमाल किया जा सकता है, इसी वजह से बन्दूक की लाइसेंस जारी करते समय आपको कई सवाल पूछा जाता है और फिर ही स्पष्ट रूप से आपको यह बन्दूक दिया जाता है वो भी लाइसेंस के साथ।

बन्दूक की लाइसेंस पाने के लिए योग्यता क्या है ?

आर्म्स एक्ट 1959 के तहत प्रशासन में अगर आप बन्दूक बनाना चाहते है तो आपको कुछ योग्यता परीक्षा से गुजरना होगा – जैसे की आपकी उम्र 18 साल के ऊपर होनी चाहिए, आप भारत के नागरिक होने चाहिए, आप पर कोई केस या मामले दर्ज़ नहीं होना चाहिए, आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य होने चाहिए और तभी यह बन्दूक आपको पूर्णतः आत्म रक्षा हेतु मिलता है । लाइसेंस प्राप्त होते वक़्त आपकी जांच पड़ताल पूरी की जाएगी। अगर आप यह सब चीज़ो को पार करते है तो आपको बन्दूक का उपयोग करने दिया जाएगा।

निष्कर्ष

हमारे इस आर्टिकल में आपने जाना की बन्दूक का आविष्कार किसने किया और आपको इस जानकारी से हमे यकीन है आपको अवश्य फायदा हुआ हो। हम इसी तरह आपको कई तरह के देश विदेश की खबरे पहुंचाते रहेंगे हमारे पोस्ट्स के जरिये। बस इसी प्रकार हमारे Hindi Top वेबसाइट पर हमारे साथ जुड़ते रहिये। हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद्।


Share Now
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

sona arumugam

मेरा नाम सोना अरुमुगम है , पेशे से इंजीनियर👩‍💻 दिल से लेखक हुँ।❤✍ मेरे ब्लॉग सिर्फ शब्द नहीं हैं वो मेरे विचार हैं📖💫 मैं सुरत शहर से ताल्लुक रखती हूं ।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button