एल्गोरिथ्म क्या है | Algorithm kya hai

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नमस्ते दोस्तों , कैसे हो आप सब ? हमारे वेबसाइट हिंदी टॉप पर आप सभी का स्वागत है। आज हम आपके लिए विशेष आर्टिकल लेकर आए है जिसके बारे में ज्यादातर आईटी फील्ड वाले खबर रखते है। हमारे पोस्ट में आज का विषय “एल्गोरिथ्म क्या है ( Algorithm kya hai )” इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे। क्या आप जानते है एल्गोरिथ्म क्या है ? क्या आप जानते है एल्गोरिथ्म का उपयोग कहा होता है ? अगर आप इसके बारे में कुछ नहीं जानते तो यह पोस्ट पढ़ने के लिए आपको काफी तेजस्ब लगेगा। आज के प्रसिद्द प्रोग्रामिंग मशीन लैंग्वेजेज में एल्गोरिथ्म लैंग्वेज एक है जो आज के दौर भी चर्चा में है।

एल्गोरिथ्म क्या है ?

किसी भी इंस्ट्रक्शंस को पूरा सोल्व करने के लिए एक प्रॉब्लम को गणितज्ञ के तरह से सॉल्व किया जाता है, इसके लिए इन इंस्ट्रक्शंस को स्टेप बाई स्टेप लिखा जाता है। इस इंस्ट्रक्शंस को सही ढंग से लिखने की प्रक्रिया में लिखकर इसे सॉल्व करने को एल्गोरिथ्म कहा जाता है। एल्गोरिथ्म का प्रथम उपयोग कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लिखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कंप्यूटर का ही उदाहरण ले लीजिये, एक कंप्यूटर उसमे भरे सॉफ्टवेयर से चलता है। इस सॉफ्टवेयर को भी इंस्ट्रक्शंस के तरह लिखा जाता है, इसी अच्छे स्टेप्स को लिखने के तरीके को एल्गोरिथ्म कहा जाता है। एल्गोरिथ्म को फ्लो चार्ट की तरह लिखा जाता है जिस पुरे प्रोग्राम को ग्राफिकल तरीके से लिखा जाता है।

एल्गोरिथ्म के प्रकार कोन से है ?

एल्गोरिथ्म कॉन्सेप्ट्स में टास्क पूर्ण करने के आधार पर एल्गोरिथ्म के प्रकार बनाए गए है :

1. डिवाइड एंड कनक्वेर एल्गोरिथ्म

इसमें प्रॉब्लम को छोटे छोटे हिस्सों में बाठ दिए जाते है, और उस प्रॉब्लम को सॉल्व किया जाता है और इसे प्रोग्रामिंग किया जाता है। इस तरह के एल्गोरिथ्म काफी लोकप्रिय है।

2. ब्रूट फाॅर्स एल्गोरिथ्म

इस तरह के प्रॉब्लम इंस्ट्रक्शंस को सेटिस्फैक्टरी सलूशन को अलग अलग तरीके से सॉल्व किया जाता है।

3. राँडोमाइस्ड एल्गोरिथ्म

इस एल्गोरिथ्म में आपको कई प्रोब्लेम्स को रैंडम नंबर का उपयोग करके जो हल मिलता है, उसकी प्रोग्रामिंग विस्तार से किया जाता है।

4. ग्रीडी एल्गोरिथ्म

यह एल्गोरिथ्म पर लोकल लेवल पर ऑप्टीमल सोल्यूशन को खोजै जाता है और विभाजन किया जाता है।

5. रिकर्सिव एल्गोरिथ्म

इस एल्गोरिथ्म में काम्प्लेक्स इंस्ट्रक्शंस को सिंपल और आसान तरीका हल ढूंढा जाता है और तब तक इसका हल निकाला जाता है, जब तक यह प्रॉब्लम काम्प्लेक्स से आसान न हो जाए तब तक लिखे जाते है ।

6. बैकट्रैकिंग एल्गोरिथ्म

सबप्रॉब्लेम्स को अलग भाग किया जाता है, और इसका स्टेप बाई स्टेप हल निकला जाता है। जब तक हल नहीं मिलता तब तक ये बैकवर्डस जाता है, जब इसका निरंतर सलूशन मिलता है तब यह टास्क फॉरवर्ड जाता है।

7. डायनामिक प्रोग्रामिंग एल्गोरिथ्म

इसमें प्रोब्लेम्स का समाधान आसान सब सोलूशन्स में बाटा जाता है और प्रोसेस किया जाता है।

एल्गोरिथ्म का उपयोग कहाँ पर होता है ?

एल्गोरिथ्म का उपयोग विज्ञानं, गणित, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में कोडिंग करने के लिए किया जाता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम एल्गोरिथ्म

मोबाइल फ़ोन्स, टेबलेट्स, कंप्यूटर, लैपटॉप्स में उपयोग हो रहे ऑपरेटिंग सिस्टम में एल्गोरिथ्म इंस्ट्रक्शंस से ही डिसाइन किया गया है।

फेसबुक एल्गोरिथ्म

फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में जो न्यूज़ फीड देखते है जिसमे सैकड़ों विज्ञापन दीखते है, यह एल्गोरिथ्म प्रोगरामिंग का ही कमाल है।

इंटरनेट एल्गोरिथ्म

इंटरनेट पर मौजूद साइट्स सारी डाटा एल्गोरिथ्म /’प्रोग्रामिंग की ही देन है।

इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स

डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड प्रोसेस, ओटीपी की प्रक्रिया, डिजिटल सिग्नेचर यह सब कॉमर्स प्रक्रिया मैथ्स एल्गोरिथ्म पर पूरी तरह निर्भर है।

गूगल एल्गोरिथ्म

गूगल वेबसाइट सर्च इंजन ब्लॉग पोस्ट्स, ब्लॉग्गिंग और फ्रीलांसिंग साइट्स, कीवर्ड सर्च यह सब रैंकिंग एल्गोरिथ्म से प्रोग्रामिंग की गई है।

एल्गोरिथ्म की विशेषताए

एल्गोरिथ्म में हम आपको 5 बेसिक विशेषताओं को बताएंगे जिसमे आप आसान प्रॉब्लम को नियमित रूप से सॉल्व कर पाएंगे

इनपुट : इन्हे इंस्ट्रक्शंस इनपुट कहा जाता है। यह प्रोग्रामिंग के समय स्टेप बाई स्टेप डिटेल्स में लिखा हुआ होता है।

आउटपुट : एल्गोरिथ्म जब निर्देशों का सही पालन करने पर हमे उस साल्व्ड प्रॉब्लम का सोल्यूशन मिलता है।

डिफाइन : किसी भी इंस्ट्रक्शंस को डिफाइन यानी उसे सॉल्व करने के विभाजन को डिफाइन करना कहते है

फाइनाइट : जो इंस्ट्रक्शंस को लिखे जाते है वह एक फाइनिटे सलूशन तक पहुंचना आवश्यक है , यानी ऐसे स्टेप्स जिनमे एक सिमित उपयोग से आसानी से लिखा जाए उसे फाइनाइट कह सकते है। इन स्टेप्स को आप गईं सकते है।

इफेक्टिवनेस : आप जो भी इंस्ट्रक्शंस लिख रहे है वह काफी प्रभावशाली होना जरुरी है, क्यूंकि इसी पर आपका आउटपुट पूरी तरह से निर्भर करता है।

एल्गोरिथ्म का अविष्कारक कौन है ?

एल्गोरिथ्म 9वि सताब्दी में विक्सित हुआ एक पारसी गणितज्ञ अल – ख़्वारिज़्मी ने इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का निर्माण किया जो बाद में कंप्यूटर में 19वि सदी में संचालित किया गया था। इन्हे फादर ऑफ़ अलजेब्रा भी कहा जाता है।

एल्गोरिथ्म कैसे लिखा जाता है ?

एल्गोरिथ्म के कुछ डिफाइन और क्लॉज़ है जिसे आपको वैसे ही लिखना होता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप तीन नंबर्स का एवरेज निकालना चाहते है :

एल्गोरिथ्म

  • स्टेप 1 : Start
  • स्टेप 2 : Read 3 नंबर्स A , B ,C
  • स्टेप 3 : calculate the average of the equation, Average = (A + B + C ) /3
  • स्टेप 4 : Display Average
  • स्टेप 5 Stop

इस तरह आपको स्टेप बाई स्टेप इंस्ट्रक्शन दिए हुए प्रोब्लेम्स को सॉल्व करना पड़ता है, जैसे ही आप सॉल्व करते है आपके सामने आउटपुट आ जाता है।

निष्कर्ष

हमें आशा है आपको हमारे आर्टिकल “एल्गोरिथ्म क्या है ( Algorithm kya hai )” पढ़ने से एल्गोरिथ्म की जानकरी लाभदायक लगी हो। इसी प्रकार हमारे आर्टिकल्स को हिंदी वेबसाइट के जरिये जरूर पढियेगा, इससे हमें आगे और आर्टिकल्स लिखने की प्रेरणा मिलती रहेगी। हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद्।


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