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एरोप्लेन का आविष्कार किसने किया और कब किया ?

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हेलो दोस्तों, कैसे है आप सब ? हम आशा करते है की आप स्वस्थ्य और खैरियत है। हमारे आज के आर्टिकल में हम आपका प्रतिपूर्ण स्वागत करते है और आज के आर्टिकल में हम आपको “एरोप्लेन का आविष्कार किसने किया” इसकी जानकारी देंगे। एरोप्लेन ने मनुष्य के जीवन को बदलकर रख दिया क्यूंकि एरोप्लेन के निर्माण के बाद ही राकेट साइंस का आविष्कार हुआ। राकेट साइंस से आज हम कई ग्रहों का चयन कर रहे है। हर बच्चा जब पंछियों के तरफ देखता है तो अपने माता पिता या दोस्तों से यही कहता है की मुझे भी आसमान में इन पंछियों के तरह उड़ना है और क्यों नहीं, आसमान में तो हर कोई उड़ना चाहता ही है। एरोप्लेन के आविष्कार ने हमें दूसरे देशों से जोड़ा है, क्यूंकि आज हम पढ़ने, काम करने विदेश जाते है या विदेश के लोग हमारे यहाँ आते है।

हम पर्यटन स्थल विदेश घूमने जाना ज्यादा पसंद करते है और यह सब एरोप्लेन जैसे वाहन के वजह से ही संभव है। अगर आप भारत में बैठे है और आपको किसी काम से अमेरिका जाना चाहते है तो हम सिर्फ एक ही दिन में एरोप्लेन के जरिये 14000 किलोमीटर का सफर तय कर लेते है। यही खासियत है एरोप्लेन की, इसमें आपको समय भी कम लगता है और इसके अलावा आपको आरामदायक प्रवास करने का मौका भी मिलता है। चलिए अब हम आपको बताते है की इस ख़ास वाहन एरोप्लेन का अविष्कारक कौन है जिन्होंने हमारे पर्याप्त साधन को सरल और आसान कर दिया

एरोप्लेन का आविष्कार किसने किया

इस वाहन का आविष्कार आज से करीबन 117 साल पहले हुआ था। विश्व का पहला हवाई जहाज़ यानि एरोप्लेन के आविष्कार 17 दिसंबर साल 1903 में हुआ था। इस विमान को दो अमेरिकन भाइयों विल्बर राइट और ओरविल राइट नामक वैज्ञानिकों ने इस एरोप्लेन का अविष्कारक किया था। इन दोनों भाइयों को इस अनोखे योगदान के लिए राइट ब्रदर्स का ख़िताब मिला है।

सबसे पहला एरोप्लेन कब उड़ाया गया ?

सबसे पहला प्लेन 17 दिसंबर 1903 में नार्थ कैरोलिना नामक शहर में उड़ाया गया था। राइट ब्रदर्स ने 120 फ़ीट की ऊंचाई पर यह प्लेन उड़ाई जो लगभग 12 सेकण्ड्स तक आसमान पर उडी। राइट ब्रदर्स से इस एयरोप्लेन का नाम रखा था राइट फ्लायर।

एयरोप्लेन बनाने के पीछे का इतिहास ?

विल्बर राइट और ऑरवेल राइट दोनों भाइयों का जनम अमेरसा में स्तिथ अलग अलग शहरों में हुआ था। इनके माता पिता का नाम मिल्टन राइट और सुसैन राइट था। दोनों ही बचपन से ही विज्ञानं के क्षेत्र में काफी तेजस्बी दिखाते थे। वह दोनों साथ मिलकर उड़ने वाली चीज़े बनाते थे ऐसे में एक बार रबर, कागज़ और बांस का बना हेलीकाप्टर उन्होंने बनाकर अपने पापा को दिखाया और उस हेलीकाप्टर को दोनों ही उड़ाते रहे। जैसे जैसे दोनों बड़े हुए, उड़ने वाली दोनों ही बनाते रहे। एक खिलौना उन दोनों भाइयों ने मिलकर बनाया जो उड़ने में कामयाब हुआ लेकिन ज्यादा देर तक उड़ नहीं पाया। इसके बाद खिलोनो में और भी तेजस्बी बनाई और दोनों भाइयो ने मिलकर मशीन से बानी पतंग बनाई जिसे दोनों ने मिलकर पुरे गावमें उड़ाई और यह मशीन से बानी पतंग उड़ने में सफल हुई। दोनों भाई बड़े होने के बावजूद कई ऐसे छोटे छोटे यन्त्र बना चुके थे जो उड़ने में सामर्थ्य था।

साल 1986 में दोनों ने एक ऐसी मशीन बनाने की ठान ली जो काफी विशाल हो और उड़ने में भी सामर्थ्य हो। काफी प्रयोगो के बाद साल 1899 में दोनों ने ग्लाइडर को हवा में सामान्य रूप से बैलेंस करने का प्रयोग सफल किया । बाद में ग्लाइडर में इन्होने रडार लगाया जो ग्लाइडर को अलग अलग दिशा में ले जाने के लिए सामर्थ्य था।

साल 1903 में दोनों भाइयो ने 14दिसंबर को किटी हॉक नामक जगह जो कैरोलिना शहर में स्थित थी वह जाकर इस ग्लाइडर को सफलता पूर्वक पहला प्लेन ग्लाइडर 14 फ़ीट की ऊंचाई तक उड़ाई। बादमे उसी साल 17 दिसंबर को काफी मेहनत के बाद फिर से प्लेन उड़ाई गई जो लगभग 120 फ़ीट तक उड़ाई गई जो 850 फ़ीट की ऊंचाई पर 1 मिनट तक उडी।

फादर ऑफ़ एरोप्लेन किसे कहाँ जाता है ?

जॉर्ज क्लायी को फादर ऑफ़ एरोप्लेन कहाँ जाता है- क्यूंकि इन्होने ही एक हवाई जहाज़ की डिजाइनिंग बनाई और यह व्याख्या बताई जिसमे हवा से भारी वस्तु एक एनर्जी के जरिये हवा में उड़ सकता है। इसके बाद राइट ब्रदर्स को एयरोप्लेन का जनक माना जाता है।

भारत के सबसे पहला एरोप्लेन कब और कहाँ शुरू की गई ?

18 Feb, साल 1911 में पहली प्लेन शहर इलाहाबाद और नैनी के बीच मौसमी चटर्जी नामक व्यक्ति ने नागरिक उद्दायन उड़ान सेवा शुरू की थी।

साल 1912 में इम्पीरियल एयरवेज का संघटन हुआ जहां पहला अंतराष्ट्रीय उड़ान शुरू किया गया जो दिल्ली , भारत, कराची में उड़ान भरी गई। साल 1915 में टाटा कंपनी ने कराची और मद्रास के बीच एयर सेवा शुरू की और साल 1920 में रॉयल एयर सेवा कराची और बॉम्बे के बीच में हुई थी। आम नागरिक के लिए एयर यानि हवाई सेवा साल 1924 में की गई। सबसे पहला हवाई सेवा बॉम्बे और कोलकत्ता में शुरू की गई थी ।

पहला जेटलाइन एरोप्लेन आविष्कार किसने किया ?

साल 1952 में शहर हैवीलैंड में पहला जेटलाइन एरोप्लेन का अविष्कार हुआ था।

पहला जेट विमान का आविष्कार किसने किया ?

साल 1934 में शहर जर्मन के हनकल शहर में पहला जेट विमान निर्माण किया गया था।

हवाई जहाज़ के कुछ रोचक तथ्य आपके लिए !

  • पूरी दुनिया में 5% लोग ही विमान यानि एयरोप्लेन सेवा का उपयोग कर पाते है क्यूंकि यह आम लोगो के लिए यह साधन महंगा है।
  • बिना पाइलट के विमान हम उड़ा सकते है क्यूंकि आज की टेक्नोलॉजी उतनी आधीन हो चुकी है लेकिन फिर भी सुरक्षा हेतु पायलट का रहना अनिवार्य है।
  • साल 1986 में वॉयेजर नाम की हवाई जहाज ने पूरी दुनिया का आगमन बिना फ्यूल के भरे हुए पर्यटन की है।
  • हर 5 में से एक व्यक्ति को हवाई जहाज़ एयरोप्लेन से सफर करने में डर लगता है और इस डर को ऐविओफोबिया कहते है।
  • सबसे पहले एयरोप्लेन का नाम था एयरबस A380 था जो की डबल डेक्क्कार प्लेन था और इसमें 4 इंजन लगे हुए थे।
  • पूरी दुनिया में हर रोज़ 5 लाख से ज्यादा प्लेन रोज़ उड़ती है

आप ने क्या सिखा

आज आप ने आज इस आर्टिकल से सिखा एरोप्लेन का आविष्कार किसने किया हमारे इस आर्टिकल से हमारे आर्टिकल में अंत तक जुड़ने के लिए धन्यवाद्। हमें आशा है आपको हमारी आर्टिकल से काफी जांनकारी हासिल हुई हो।


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sona arumugam

मेरा नाम सोना अरुमुगम है , पेशे से इंजीनियर👩‍💻 दिल से लेखक हुँ।❤✍ मेरे ब्लॉग सिर्फ शब्द नहीं हैं वो मेरे विचार हैं📖💫 मैं सुरत शहर से ताल्लुक रखती हूं ।

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